छत्तीसगढ़ में SIR प्रक्रिया पूरी, 25 लाख नाम हटे, देखें जिलेवार सूची

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छत्तीसगढ़ में SIR प्रक्रिया पूरी, 25 लाख नाम हटे, देखें जिलेवार सूची

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Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है। निर्वाचन विभाग ने इसके उपरांत राज्य की अंतिम निर्वाचक नामावली का प्रकाशन कर दिया है।

इस व्यापक अभियान के दौरान फर्जी, दोहराव वाले और संदिग्ध मतदाताओं के नामों की पहचान कर बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं, जिससे मतदाता सूची को अधिक शुद्ध और विश्वसनीय बनाया जा सका है।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी यशवंत कुमार ने अंतिम सूची जारी होने की जानकारी देते हुए बताया कि SIR अभियान के दौरान लगभग 24 लाख 99 हजार से अधिक नाम सूची से हटाए गए हैं। संशोधित और अंतिम प्रकाशन के अनुसार अब प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 1,87,30,914 दर्ज की गई है। उन्होंने अभियान को सफल बनाने में सहयोग देने वाले नागरिकों, निर्वाचन कर्मियों और संबंधित अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।

निर्वाचन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, SIR प्रक्रिया शुरू होने से पहले छत्तीसगढ़ में कुल मतदाताओं की संख्या 2,12,30,737 थी। प्रारूप (ड्राफ्ट) सूची के प्रकाशन के बाद यह संख्या घटकर 1,84,95,920 रह गई थी।

ड्राफ्ट सूची पर प्राप्त दावों और आपत्तियों की सुनवाई के बाद अंतिम निर्वाचक नामावली जारी की गई, जिसमें मतदाताओं की संख्या बढ़कर 1,87,30,914 हो गई। अधिकारियों ने बताया कि अंतिम चरण में की गई सुनवाई और सत्यापन के बाद 2,34,994 नए मतदाताओं के नाम सूची में जोड़े गए। इस प्रकार पूरी

पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान जहां एक ओर अपात्र एवं फर्जी नामों को हटाया गया, वहीं पात्र नागरिकों को सूची में शामिल कर संतुलन बनाए रखने का प्रयास किया गया। विभाग का मानना है कि इस अभियान से मतदाता सूची की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण लोकतांत्रिक प्रक्रिया का एक अहम हिस्सा है।

सूची में फर्जी या दोहराव वाले नामों की मौजूदगी चुनाव की निष्पक्षता और पारदर्शिता को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में SIR अभियान के माध्यम से सूची को अद्यतन और सटीक बनाए रखने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए गए हैं।

विभाग के अनुसार, इस प्रक्रिया से आगामी चुनावों में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी। साथ ही प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार दिलाने और अपात्र नामों पर रोक लगाने की दिशा में अभियान आगे भी जारी रहेगा।

निर्वाचन अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे समय-समय पर अपनी जानकारी का सत्यापन करते रहें। इधर, जिन नागरिकों का नाम अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाया है, उनके लिए भी आवश्यक व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है।

निर्वाचन विभाग के अनुसार, ऐसे व्यक्ति फॉर्म 6 भरकर नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके साथ घोषणा पत्र (Declaration) और आवश्यक सहायक दस्तावेज संलग्न करना अनिवार्य होगा। आवेदन ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किया जा सकता है।

यदि किसी मतदाता की प्रविष्टि में त्रुटि पाई जाती है, जैसे नाम, पता, आयु या अन्य विवरण में गलती, तो सुधार के लिए फॉर्म 8 भरकर आवेदन किया जा सकता है।

विभाग ने नागरिकों को आश्वस्त किया है कि सभी आवेदनों का नियमानुसार परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। निर्वाचन विभाग ने नागरिकों से जागरूकता और सहयोग बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि शुद्ध, पारदर्शी और सटीक मतदाता सूची लोकतंत्र की मजबूती की आधारशिला है।

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